मौसम विभाग ने आगरा जनपद में अगले 5 दिनों के लिए रेड अलर्ट किया घोषित,

हीट वेव अवेयरनेस कैंपेन के तहत गूगल फॉर्म के माध्यम से भारी संख्या में जनपदवासी ले चुके है शपथ, कमजोरी, चक्कर आने या बीमार महसूस होने पर तुरन्त करें डॉक्टर से सम्पर्क एवं रेडियो, टीवी और समाचार पत्रो के माध्यम से रखें मौसम एवं तापमान की जानकारी।

अपर जिला अधिकारी वित्त एवं राजस्व श्रीमती शुभांगी शुक्ला ने अवगत कराया है कि अगले 5 दिनों तक मौसम विभाग द्वारा जनपद आगरा में रेड अलर्ट घोषित किया गया है इस कारण से लू चलने की संभावना है। उक्त को दृष्टिगत रखते हुए अपर जिला अधिकारी वित्त एवं राजस्व द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में जिला आपदा विशेषज्ञ शिवम कुमार मिश्रा द्वारा हीट वेव अवेयरनेस कैंपेन के तहत गूगल फॉर्म बनाया गया है, जिसके तहत लोगों को लू से बचने और बचाने की शपथ दिलाई जा रही हैं। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा हीट वेव लू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी कर दी गई।

जिससे लोगों को लू से बचाव को लेकर अधिक जागरूक किया जा सके। मई माह में लू ने लोगों को बेहाल करना शुरू कर दिया है जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण हीट वेव अवेयरनेस कैंपेन के तहत गूगल फॉर्म भरवा कर लू से बचने और बचाने की शपथ दिला रहा है। गूगल फॉर्म में मोबाइल नंबर ईमेल आईडी के साथ नाम और जिले का नाम दर्ज करवाया जा रहा है। गूगल फॉर्म में गर्मी से बचाव के लेकर शपथ भी दिलाई जा रही है फार्म के साथ ल से बचाव को जागरूकता को एक वीडियो भी अटैच किया गया है वीडियो में स्कूलों में बच्चों को लू से बचाव के बारे में लोगों ने जानकारी देकर जागरूक किया जा रहा है। जिले में अब तक भारी संख्या में जनपद वासी हीट वेव अवेयरनेस कैंपेन के तहत गूगल फॉर्म भरकर गर्मी से बचना और बचाने की शपथ ले चुके हैं। और उनको दूसरे लोगों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कैंपेन जारी है कैंपेन चलाने का मुख्य उद्देश्य है। लू से बचाव के लिए लोगों में अधिक से अधिक जागरूक किया सके।

उन्होने आमजन से अपील की है कि कडी धूप में विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से 03 बजे के बीच बाहर जाने से बचें। हल्के रंग के ढीले-ढाले और सूती कपडे पहनें। धूप में निकलते समय अपना सिर ढक कर रखें, कपडे, टोपी या छाता का उपयोग करें। पर्याप्त और नियमित अन्तराल पर पानी पीते रहें। सफर में अपनें साथ पीने का पानी हमेशा रखें। खुद को हाइड्रेट रखने के लिए ओ०आर०एस० घोल नारियल का पानी, लस्सी, चावल का पानी, नीबू का पानी, छांछ, आम का पन्ना इत्यादि घरेलू पेय पदार्थो को इस्तेमल करें। रेडियो, टीवी और समाचारपत्रो के माध्यम से स्थानीय मौसम एवं तापमान की जानकारी रखें। कमजोरी, चक्कर आने या बीमार महसूस होने पर तुरन्त डॉक्टर से सम्पर्क करें। अपने घर को ठंडा रखे, पर्दे, शटर आदि का इस्तेमाल करें तथा रात में खिडकियां खुली रखें।


उन्होने यह भी अपेक्षा व्यक्त की है कि बच्चों एवं पालतू जानवरों को बिना निगरानी के पार्क की गयी कार में अकेला न छोड़ें, वाहन जल्दी गर्म होकर खतरनाक तापमान पैदा कर सकते हैं, जो बच्चों के लिये घातक हो सकती है। भीषण गर्मी में दोपहर के समय अधिक श्रम वाली गतिविधियों को न करें। उच्च प्रोटीन वाले भोजन से बचें और बासी भोजन न करें। शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड शीतल पेय पदार्थों का सेवन करने से बचें, क्योकि ये शरीर को निर्जलित करतें हैं। दोपहर में जब दिन का तापमान अधिक हो उस दौरान खाना पकाने से बचें तथा रसोई घर को हवादार बनाये रखने के लिये खिडकी व दरवाजे खुला रखें।